राजस्थान मे ज़मीनी झगड़ा निपटाने गये कांस्टेबल को ग्रामीणों ने घेरकर पीटा, वर्दी फाड़ी

न्यूज जंगल डेस्क, कानपुर : भारत-पाक सीमा पर बसे बाड़मेर (Barmer) जिले में जमीन के विवाद को लेकर हो रहे झगड़े को निपटाने गये पुलिस कांस्टेबल (Police Constable) को भीड़ ने जमकर पीट डाला. बाद में उसकी वर्दी फाड़ दी. कांस्टेबल पर जानलेवा हमले की यह घटना दीवाली के दिन हुई थी. लेकिन पुलिस ने अब खुलासा किया है कि पुलिसकर्मी की पिटाई की गई थी. पुलिस ने इस मामले में कुछ ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वहीं जमीन के विवाद को लेकर दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कराये हैं. पुलिस तीनों मामलों की जांच में जुटी है.

पुलिस के अनुसार के बाड़मेर के ग्रामीण थाना इलाके के शिव भाखरी नांद गांव में दिवाली के दिन जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी. सूचना मिलने पर बिशाला चौकी प्रभारी एएआई भंवरलाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां समझाइश के दौरान एक पक्ष के लोग कांस्टेबल हनुमानराम को पकड़कर एक घर के अंदर ले गए. वहां उन्होंने हनुमानराम को पटककर उससे मारपीट करते हुए वर्दी फाड़ दी. इस मामले में पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश, तगाराम, गोरखाराम, लक्ष्मण सिंह और खेमीदेवी के खिलाफ मारपीट और राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया है.

मारपीट का वीडियो हुआ वायरल
इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया. बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया. वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी भी मारपीट करते नजर आ रहे हैं. पुलिस ने वायरल वीडियो को भी अपनी जांच में शामिल कर लिया है. घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश व प्रहलादराम को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था.

ओमप्रकाश और प्रहलादराम के बीच है जमीन का विवाद
बताया है रहा है कि शिव भाखरी नांद गांव में ओमप्रकाश और प्रहलादराम के बीच जमीन को लेकर आपसी विवाद चल रहा था. इस बीच दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई. पुलिस ने दोनों पक्षों के क्रॉस मुकदमे दर्ज किए हैं. उनकी जांच चल रही है. ग्रामीण थाना पुलिस तीनों मामलों की गहराई से पड़ताल कर रही है.

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पहले भी कई बार पुलिसकर्मियों की हो चुकी है पिटाई
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में पुलिस को पीटने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार पुलिसकर्मी भीड़ का शिकार हो चुके हैं. पुलिस की पिटाई के मामले अलवर जिले में तो कई बार हो चुके हैं. वहीं प्रदेश के अन्य इलाकों में भी जब तब ऐसी घटनायें सामने आती रहती हैं.

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