हैलट अस्पताल ने भेंगापन के इलाज में भी पाई कामयाबी

न्यूज जगंल डेस्क: कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संबद्ध हैलट अस्पताल कानपुर के ही मरीज नहीं बल्कि आस-पास के कई जिलों के मरीजों के लिए सबसे बड़ा इलाज केंद्र साबित हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर तरह-तरह की रिसर्च और अपने प्रोग्राम्स से यहां आने वाले मरीजों का है जिसकी वजह से मरीजों को काफी राहत मिल रही है। इसी क्रम में गुरुवार को हैलट अस्पताल में भेंगापन के इलाज में भी कामयाबी पाई है। 28 वर्षीय महिला की आंखों से दूर किया भेंगापन।

हैलट में होगा आँखों के भेंगापन का उपचार…
नेत्र रोग विभाग के हेड डॉ परवेज खान ने बताया, इससे नेत्र रोग विभाग को नए आयाम खुले हैं। भेंगेपन के इलाज के लिए पहले लोगों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब यह सर्जरी हैलट में हो सकेगी। इसके लिए नियमित ओपीडी भी शुरू की जाएगी। इस तरह के ऑपरेशन में कई बारीकियां का ध्यान रखना पड़ता है। इसमें जिस आंख में ज्यादा भेंगापन होता है और जिस आंख में कम उसका मेजरमेंट एक्यूरेट होना चाहिए, तभी हम लोग यह आकलन कर पाते है कि किस तरफ का हिस्सा काटना पड़ेगा। इसमें मैथमेटिक्स का भी बहुत इस्तेमाल होता है। जिस महिला की सर्जरी हुई है उसकी आंखें बिल्कुल ठीक हो गई है।

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मेडिकल कॉलेज में नहीं है इक्विपमेंट्स…
इस तरह की सर्जरी करने के लिए एडवांस इक्विपमेंट लगते है जो मेडिकल कॉलेज के पास नहीं है फिर भी डॉ परवेज ने ऐसा ऑपरेशन अपने लेवल पर इक्विपमेंट्स मैनेज कर के किया। डॉ परवेज ने बताया, यहां हमारे पास इस तरह की सर्जरी करने के लिए जो इक्विपमेंट्स लगते है वो नहीं है, हम लोगों ने किसी तरह अपने लेवल पर मैनेज कर के यह सर्जरी की है। हम लोगों ने शासन से इन इक्विपमेंट्स की डिमांड डाल दी है, जल्द ही यह इक्विपमेंट्स मिल जाएंगे। डॉ परवेज खान और विशेषज्ञ डॉ पारुल की टीम ने मिलकर यह ऑपरेशन किया है। स्क्विंट के नाम से जानी जाने वाली इस सर्जरी की सुविधा अभी तक प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध नहीं है। डॉ परवेज के मुताबिक महिला की सर्जरी काफी कामयाब रही है। अब हैलट में नियमित सर्जरी होगी।

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