किसानों ने प्रियंका गांधी का आभार जताया लेकिन मंच पर आने नहीं दिया, जाने वज़ह

0
प्रियंका गांधी वाड्रा

न्यूज़ जंगल डेस्क,कानपुर : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की हिंसक घटना में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास में शामिल हुईं. लखीमपुर हिंसा में मारे गए चार किसानों और पत्रकार रमन कश्यप को श्रद्धांजलि देने के लिए आज तिकुनिया में अरदास कार्यक्रम मंच का आयोजन किया गया है.

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में कांग्रेस से प्रियंका गांधी वाड्रा, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, यूपी कांग्रेस के प्रमुख अजय कुमार लल्लू पहुंचे. वहीं अकाली दल से मनजिंदर सिंह सिरसा पहुंचे. संयुक्त किसान मोर्चा ने नेताओं का आभार जताया लेकिन मंच पर नहीं आने दिया.

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा से पूछताछ शुरू

बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को मंगलवार को अपराध शाखा कार्यालय ले जाया गया, जहां विशेष जांच दल (SIT) उससे गहन पूछताछ कर रही है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अदालत से मंजूरी मिलने पर आशीष मिश्रा को पुलिस हिरासत में लिया गया.

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (एसपीओ) एसपी यादव ने सोमवार को बताया कि अदालत (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी) में आशीष मिश्रा को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने के लिए शनिवार को अर्जी दी गई थी जिस पर सुनवाई हुई और अदालत ने 12 से 15 अक्टूबर तक उसे पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश दिए.

उन्होंने बताया कि आशीष मिश्रा का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा और उसे पूछताछ के नाम पर पुलिस प्रताड़ित नहीं करेगी. यादव ने यह भी बताया कि इस दौरान उसके अधिवक्‍ता मौजूद रहेंगे.

उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के सिलसिले में आशीष मिश्रा को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया और आधी रात के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में लखीमपुर जिला जेल भेज दिया गया.

ये भी पढ़े : अब 2 से 18 वर्ष के बच्चों को भी लगेगी कोरोना वैक्सीन, CDSCO ने की सिफारिश

एसआईटी का नेतृत्व कर रहे पुलिस उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) उपेंद्र अग्रवाल ने शनिवार रात मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद पत्रकारों को बताया, ”मिश्रा ने पुलिस के प्रश्नों का सही उत्तर नहीं दिया और जांच में सहयोग नहीं किया. वह सही बातें नहीं बताना चाह रहे हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है.” लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी.

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *