सीएसए: महिलाएं अपने पैरों पर खड़े होकर बनें आत्मनिर्भर

न्यूज जगंल डेस्क: कानपुर शहीद चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में पांच दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत सोमवार को हुई। महिलाओं को कृषि आधारित उत्पाद से आत्मनिर्भर बनाने की ट्रेनिंग शुरू की गई है। इसमे प्रदेश के अलग अलग जिलों से आई 35 महिलाएं शामिल हुई है। यहां से प्रशिक्षण लेकर यह महिलाएं खुद भी और दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनायेगी। महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बनें और समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराएं।

स्वयं सहायता समूह की श्रृंखला से आत्मनिर्भर होगी महिलाएं

सीएसए में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में आई ग्रामीण महिलाओं का। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए डॉ. महक सिंह ने कहा कि महिलाओं को स्वयं में फैसला लेने और नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करनी होगी। शिक्षा और ज्ञान के अभाव में महिलाओं ने पुरुषों का अत्याचार सहा है, अब प्रयास करना होगा कि महिलाएं उच्च शिक्षा लेकर शिक्षित बने। डॉ. सिंह ने कहा कि महिलाओं को प्रण लेना चाहिए कि वह अपनी बेटी को शिक्षा और संस्कार दे।

व्यावसायिक खेती की दी जाएगी ट्रेनिंग

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वयं सहायता समूहों के संचालन पर जानकारी देते हुये क़ई कृषि उत्पाद के बारे में बताया। कार्यक्रम आयोजक डॉ. एसबी पाल ने बताया कि प्रशिक्षण में प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़ और अलीगढ़ से 35 महिलाएं आई हैं। पांच दिन के प्रशिक्षण शिविर में इनको पशु पालन, फसलों का महत्व, फसलों के औषधिय गुण, अनाज भंडारण तकनीक, मशरुम उत्पादन, सब्जी की व्यवसायिक खेती, संरक्षित सब्जी उत्पादन, जैविक खेती, मृदा संरक्षण, फल और सब्जियों का प्रसंस्करण और पौधशाला प्रबंधन समेत कई विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. खलील खान, डॉ. मोहन लाल वर्मा और डॉ. अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

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प्रशिक्षण लेने आई महिलाओं ने बताया

अलीगढ़ की महिमा ने बताया कि वह गांव में स्वयं सहायता समूह चलाती हूं। यहां कुछ ऐसा सीखने आई है। जिससे वह स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली महिलाओं की आय बढ़ा सकें और उनको आत्मनिर्भर बना सकें। वही एक और कौशाम्बी से आई उमा देवी ने बताया कि उनके पास 22 बीघा खेती है। यहां प्रशिक्षण लेने का उद्देश्य अपने खेती में नई तकनीक का उपयोग करना है। जिससे उनकी खेती में आय बढ़ सके।

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