सीएम योगी करेंगे लखनऊ में दीवाली मेले का उद्घाटन

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न्यूज़ जंगल डेस्क,कानपुर : करीब दो वर्ष तक कोरोना वायरस संक्रमण में काफी प्रभावित रहे रेहड़ी तथा पटरी दुकानदारों की गाड़ी पटरी पर लाने के प्रयास में लगी सीएम योगी अब उनको बड़ा प्लेटफार्म दे रही है। वोकल फॉर लोकल के तहत सरकार प्रदेश के ही जिले में आठ दिवसीय प्रदेश स्तरीय दीपावली मेला का आयोजन कर रही है। लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ इसका शुभारंभ करेंगे।

उत्तर प्रदेश में दीपावली मेला आज से यानी 28 अक्टूबर से प्रारंभ होकर दीपावली की पूर्व संध्या यानी चार नवंबर तक चलेगा। लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ सांय करीब सात बजे झूलेलाल पार्क में लगने वाले मेले का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के हर जिले में दीपावली मेले का आयोजन कर प्रदेश सरकार ने सभी रेहड़ी व पटरी दुकानदारों को रोजगार देने की योजना बनाई है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार वोकल फॉर लोकल के अपने अभियान को चरितार्थ कर जनता के सामने मिसाल देने के प्रयास में लगी है। भाजपा केन्द्र की नरेन्द्र मोदी और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के उन फैसलों को भी सामने लाना चाहती है, जिनसे रेहड़ी पटरी दुकानदारों को लाभ हुआ है

उत्तर प्रदेश में नगर विकास विभाग 17 नगर निगम और 200 पालिका परिषद में 217 दीपावाली मेला लगे हैं। लखनऊ में इस दीपावली मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जबकि दूसरी जगह पर सांसद तथा जिले के प्रभारी मंत्री भी दिवाली मेले में शामिल होंगे। इन मेलों में जो भी रेहड़ी पटरी विक्रेता अपना सामान चार नवंबर तक बेचना चाहते हैं, उनको जगह प्रदान की गई है। इन मेलों का आकर्षण बढ़ाने के लिए मेला स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मेले में अच्छी संख्या में लोग जुटें। इसके लिए न सिर्फ सरकार का नगर विकास विभाग बल्कि भाजपा ने भी जोरदार तैयारी की है। इसी वर्ष पार्टी ने अपना रेहड़ी पटरी व्यवसाय प्रकोष्ठ बनाया है। इसके कार्यकर्ता भी मेलों में मौजूद रहेंगे। कार्यकर्ता वहां विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ बताएंगे।

भाजपा उत्तर प्रदेश रेहड़ी पटरी व्यवसाय प्रकोष्ठ के संयोजक अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि इस वर्ग के लिए देश में अभी तक जो भी काम हुआ है वह प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। उनकी योजनाओं से इस वर्ग का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। भाजपा का उद्देश्य ही स्ट्रीट वेंडर्स के हितों की रक्षा है। उत्तर प्रदेश के नगर क्षेत्रों में पटरी व्यवसायियों की संख्या करीब 50 लाख है।  

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