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राष्ट्रपति के अगले कानपुर दौरे पर भी अधूरा रहेगा सर्किट हाउस

न्यूज जगंल डेस्क: कानपुर राष्ट्रपति यूं तो पूरे देश का होता है। लेकिन, कानपुर उनकी जन्म और कर्मभूमि रहा है। ऐसे में यहां से उनका लगाव बहुत है। इसलिए वे साल में 2 बार कानपुर दौरे पर जरूर आते हैं। उनको ठहराने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसको देखते हुए उनके लिए खास प्रेसिडेंशियल सर्किट हाउस का निर्माण शुरू कराया गया। 24 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पत्नी सविता कोविंद के साथ ​दो दिवसीय कानपुर दौरे पर आ रहे हैं, उम्मीद थी कि खास सर्किट हाउस उनका वेलकम करेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा।

सरकार से नहीं मिला बजट
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल जुलाई-2022 में खत्म होने वाला है। ऐसे में शायद ही वे इस प्रेसिडेंशियल गेस्ट हाउस में रुक पाएं। राष्ट्रपति की सुरक्षा और उनके लायक फैसेलिटी को ध्यान में रखते हुए कई बार बजट रिवाइज किया गया। पीडब्लूडी ने 8 करोड़ रुपए का बजट शासन को भेजा। लेकिन अभी तक सिर्फ 50 लाख रुपए ही मिल सके हैं।

राष्ट्रपति भवन की तरह खास
इस सर्किट हाउस को राष्ट्रपति भवन की तरह ही खास है। इसे ग्रीन कॉन्सेप्क्ट पर तैयार किया जा रहा है। दिन के दौरान कमरों में रोशनी के लिए इलेक्ट्रिसिटी की जरूरत ही नहीं होगी। इसमें खास 2 प्रेसिडेंशियल सुइट तैयार किए जा रहे हैं। जिसमें राष्ट्रपति भवन जैसी सुख-सुविधाएं होंगी। इसके अलावा इसमें गवर्नर सुइट के साथ 4 वीवीआईपी सुइट भी बनाए जा रहे हैं। इसमें 250 लोगों की क्षमता का मीटिंग रूम भी होगा। पूरी तरह भूकंपरोधी है। इसके साथ ही इसमें प्रेयर और मेडिटेशन रूम भी होगा।

20 करोड़ तक पहुंचा इस्टीमेट
प्रेसिडेंशियल सर्किट हाउस का निर्माण जून-2019 में शुरू हुआ था। 2800 वर्ग मीटर में बन रहे सर्किट हाउस का निर्माण पीडब्लूडी कर रहा है। 4 बार इसका रिवाइज इस्टीमेट तैयार किया गया है। शुरुआती लागत करीब 4.50 करोड़ रुपए थी। लेकिन डिजाइन और सुरक्षा कारणों के चलते ये लागत करीब 20 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। रिवाइज इस्टीमेट का करीब 8 करोड़ रुपए शासन से मिलना बाकी है। PWD के अवर अभियंता जीतेंद्र पाल के मुताबिक शासन से अभी तक 50 लाख रुपए मिले हैं।

डोम और फिनिशिंग का काम लटका
जेई ने बताया कि बजट न होने की वजह से डोम और फिनिशिंग का काम कई महीनों से लटका हुआ है। फॉल सीलिंग और पेंटिंग का काम चल रहा है। 70% काम पूरा हो चुका है। बजट मिल जाए तो 2 से 3 महीने में काम पूरा हो जाएगा।

पुराने सर्किट हाउस में रुक सकते हैं
राष्ट्रपति जब भी कानपुर आते हैं, उनके रुकने को लेकर बड़ी कवायद होती है। कभी वे सेना के कैंट स्थित गेस्ट हाउस में रुकते हैं तो कभी वे कानपुर यूनिवर्सिटी के खास गेस्ट हाउस में। पिछले दौरे की तरह इस बार भी वे पुराने सर्किट हाउस में ही रुकेंगे। नया सर्किट हाउस यहां से चंद कदम की दूरी पर निर्माणाधीन है।

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प्रेसिडेंशियल सर्किट हाउस की खासियत

  • 2800 वर्ग मीटर एरिया में बनाया जा रहा है
  • 2 प्रेसिडेंशियल सुइट और गवर्नर सुइट बनेंगे
  • 4 वीवीआईपी सुइट भी बनकर होंगे तैयार
  • 20 करोड़ रुपए का इस्टीमेट शासन में भेजा गया
  • 3 बार सर्किट हाउस निर्माण के लिए बढ़ा बजट
  • 2020 दिसंबर में स्ट्रक्चरल पार्ट का काम पूरा हुआ
  • 250 लोगों की क्षमता का बनाया जा रहा मीटिंग रूम

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