नये रिकार्ड के साथ भव्यता की नयी इबारत लिखेगा दीपोत्सव

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महेश शर्मा

अयोध्या। राम जन्म भूमि स्थान यानी अयोध्या अपने इतिहास में अबकी दीवाली में भव्यता और अपर आस्था के नए पृष्ठ सम्मिलित करेगा। राम की नगरी को दुनियां के धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और ऊपर लाने के लिये अविस्मरणीय बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश भर में दीपोत्सव 2021 मनाने का आयोजन होने जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा खास अयोध्या में मनाए जाने वाला पांच दिवसीय दीपोत्सव 2021 है।


पूरी अयोध्या में 12 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन किया जाएगा। इसमें राम की पैडी पर नौ लाख दीप जलाकर कर नया विश्व रिकार्ड बनाया जाएगा वहीं अयोध्या नगर क्षेत्र में तीन लाख दीपों का प्रज्ज्वलन किया जाएगा। अयोध्या के तट रामायण की गाथा को भी अमर बनाया जाएगा। इसके साथ ही लेजर लाइट में भव्य रामायण का हेरिटेज लुक में शो दिखाया जाएगा। पांच दिवसीय दीपोत्सव को विश्व स्तर पर यादगार बनाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।ds by Jagran.TV
तीन नवंबर को दीपावली से एक दिन पहले दीपोत्सव समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के हर गांव से पांच मिट्टी के दीपक अयोध्या को रोशन करने में मदद करेंगे। वैसे तो पहली नवंबर से दीपोत्सव शुरू हो गया है लेकिन मुख्य आयोजन तीन नवंबर को होगा। इस दिन मां सरयू का नौ लाख दीपों से श्रृंगार किया जाएगा। इसके लिए सभी 75 जिलों के संबंधित जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है कि राज्य के 90 हजार से अधिक गांवों में से प्रत्येक से पांच मिट्टी के दीपक समय पर अयोध्या पहुंचें।इस साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अयोध्या में दीपोत्सव पर 12 लाख दीये (मिट्टी के दीपक) जलाए जाएंगे।
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में पीएम और सीएम की आवास योजनाओं के अनुमानित नौ लाख लाभार्थी अपने घर के बाहर एक-एक दीया जलायेंगे। इस दीपोत्सव में कम से कम नौ लाख दीये जलाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए पर्यटन विभाग कम से कम 12 लाख मिट्टी के दीये जलाने की योजना बना रहा है ताकि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले आखिरी दीपोत्सव के दौरान एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जा सके।


2017 के बाद से योगी आदित्यनाथ सरकार अयोध्या में दीपोत्सव समारोह आयोजित कर रही है, जिसकी शुरुआत उद्घाटन 51 हजार दीयों से वर्ष 2019 में 4,04,226 मिट्टी के दीयों, वर्ष 2020 में 6,06,569 मिट्टी के दीयों तक होकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई है। दीपोत्सव समारोह के लिए राज्य के प्रत्येक गांव में पांच मिट्टी के दीपक देने का निर्णय में लखनऊ में आयोजित एक बैठक में राज्य स्तर पर लिया गया है। इस पहल के लिए जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।राज्य भर के निर्वाचित ग्राम प्रधानों और ग्रामीण कुम्हारों से संपर्क करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये 4.5 लाख से अधिक दीये मिल सकें। गांवों में प्रयागराज जिले के लगभग 2800, प्रतापगढ़ जिले के 2000 से अधिक, कौशांबी के 800 से अधिक और फतेहपुर जिले के 1300 से अधिक गांव शामिल हैं।
अयोध्या के घाट पर हेरिटेज व रामायण का लेजर शो से इस साल अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव समारोह के पांचवें संस्करण का मुख्य आकर्षण है। एक नवंबर से राम की पैड़ी में पांच दिवसीय समारोह को भव्य बनाने की तैयारी जोरों पर है। घाट एक राजसी स्थल में बदलेगा जिसमें रामायण का एक लेजर शो दिखाया जाएगा। इसे पूरी तरह से हेरिटेज लुक दिया गया है और इसे रामायण की विभिन्न विशेषताओं के साथ चित्रित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मोजाटो नामक एक कंपनी को अनुबंधित किया है।
दीपोत्सव समारोह के लिए सरयू घाट और राम कथा पार्क को भी नया रूप दिया गया है। फ्रांसीसी कलाकार चिफुमी इन स्थानों के पास की दीवारों पर रामकथा को फिर से जीवंत कर रहे हैं। इस साल राज्य सरकार अयोध्या में दीपोत्सव का अंतिम संस्करण भव्य पैमाने पर चाहती है। पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी जी ने कहा कि ये दीपोत्सव वैश्विक पटल पर भगवान राम की अयोध्या को और अधिक विख्यात कर देगा। इस त्योहार के मौके पर शहर को पर्यटकों के लिए सुरक्षित रखने से लेकर हर तरह की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन के लिए अयोध्या प्रशासन पूरी तरह से चौकसी बरत रहा है।
अयोध्या में तीन नवंबर को कुल 12 लाख दीये रोशन किये जाएंगे। पर्यटन विभाग राम की पैड़ी पर नौ लाख दीये एक साथ जलाकर गिनीज वर्ल्ड बनाया जाएगा। वहीं अयोध्या नगर में तीन लाख दीए जलाए जाएंगे। इस आयोजन को जज करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की एक टीम अयोध्या में होगी। विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए मिट्टी के एक दीया को कम से कम पांच मिनट तक जलाना होगा। इसके लिए आयोजकों ने प्रत्येक मिट्टी के दीए के लिए 40 मिलीलीटर (एमएल) तेल का उपयोग करने का निर्णय लिया है। रामकी पैड़ी पर अब दस लाख दो हजार दीपकों को जलाने की तैयारी है। इसके लिए दो कैनाल पर भी दीपक सजाए जाएंगे। हर घाट पर दीपकों की संख्या में पांच-पांच प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह प्रयास भी किया जाएगा कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नौ लाख दीपक अंकित हों। अभी तक 32 घाटों पर सात लाख 51 हजार दीपक जलाकर विश्व कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। दैनिक जागरण, अमर उजाला समेत कई बड़े मीडिया हाउसेस में बड़े पदों में रह चुके हैं। वर्तमान में बिफोर प्रिंट के सम्पादक हैं।

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