देश के इन राज्यों में बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर,देखें रिपोर्ट

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न्यूज़ जंगल डेस्क,कानपुर : उत्‍तर भारत के राज्‍यों में प्रदूषण का स्‍तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि यदि पिछले दो दिनों के मुकाबले यदि देखा जाए तो इसमें कुछ गिरावट जरूर दर्ज की गई है। इसके बाद भी बुधवार सुबह आठ बजे एक्‍यूआई का स्‍तर अधिकतर शहरों में खराब से गंभीर स्‍तर पर ही रिकार्ड किया गया है।  दिल्‍ली के विभिन्‍न इलाकों में सुबह से ही एक्‍यूआई लेवल गंभीर से बेहद खराब स्‍तर पर रिकार्ड किया गया है।

सेंट्रल पाल्‍यूशन कंट्रोल बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह आठ बजे दिल्‍ली के आनंद विहार के इलाके में एक्‍यूआई लेवल 438 दर्ज किया गया है। इसी तरह से जहांगीरपुरी में 433, बवाना में 405, सीआरआरआई मथुरा रोड का भी एक्‍यूआई लेवल 371, चांदनी चौक 363, आईजीआई एयरपोर्ट 353, इभास दिलशाद गार्डन 363, आईटीओ 379, जवाहरलाल नेहरू स्‍टेडियम 372 दर्ज किया गया है। 

इसी तरह से दिल्‍ली से सटे हरियाणा में अंबाला में एक्‍यूआई का स्‍तर 234 दर्ज किया गया है, जो खराब स्‍तर माना जाता है। बहादुरगढ़ में 321, भिवानी में 338, चरखी दादरी 332, बल्‍लभगढ़ 366, फरीदाबाद 375-445, गुरुग्राम 313-367, पानीपत 389, जिंद में 399 रिकार्ड किया गया।बिहार के गया में 108-240, हाजीपुर में 250, पटना में 187-318 और मुजफ्फपुर में 243 रिकार्ड किया गया है। पंजाब के अमृतसर में 296, भठिंड 183, जालंधर में 222, खन्‍ना 267, लुधियाना 258, पटियाला 308, रूपनगर में 17 रिकार्ड किया गया है।

मेडिकल कॉलेज के टीबी वार्ड में 20 मरीज फुल आक्सीजन पर है. प्रदूषण की वजह से मरीजों के गले में खराश,  दर्द होना,  सूजन जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. तमाम बच्चों के टांसिल में सूजन आ गई है. इसके अलावा एलर्जी का भी दुष्परिणाम सामने आ रहा है. धूल, कार्बन तत्व त्वचा की ऊपरी सतह पर चिपक जाने से त्वचा में खुजली हो रही है. आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण की रोक थाम के निर्देश दिए गए है. लगातार विभागों को निर्माण स्थलों पर पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं.  स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किया जा रहा है ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो।

बीते 24 घंटों में आगरा शहर में प्रदूषण का सबसे खतरनाक संजय प्लेस और ताजमहल के आसपास रहा.  कई वर्षों के बाद आगरा की हवा इतनी ज्यादा खराब हुई है. ताजमहल के साथ-साथ आगरा के सभी स्मारकों के ऊपर प्रदूषण की वजह से धुंध की घनी चादर छाई हुई है. ताजमहल 100 मीटर दूर से भी स्पष्ट नहीं नजर आ रहा है.  हवा की रफ्तार कम होने की वजह से लगातार तीन दिनों से भयंकर प्रदूषण की चपेट में ताज नगरी है. उधर भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा और वृंदावन  में भी लगातार एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर है. जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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