भारतीय वायुसेना (IAF) राजस्थान के जोधपुर में पाकिस्तान सीमा के निकट एक बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास का आयोजन करने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल एयर एक्सरसाइज में भारत के अत्याधुनिक राफेल, सुखोई Su-30MKI और अन्य लड़ाकू विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इस अभ्यास को देखने और इसमें भाग लेने के लिए करीब छह मित्र देशों की वायु सेनाएं भी शामिल होंगी।

इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों के साथ ऑपरेशनल समन्वय (Interoperability) बढ़ाना, आधुनिक हवाई युद्ध तकनीकों का अभ्यास करना और संयुक्त अभियानों की क्षमता को मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान एयर-टू-एयर कॉम्बैट, सटीक निशानेबाजी, हवाई ईंधन भरने और जटिल युद्ध परिस्थितियों का अभ्यास किया जाएगा।

पाकिस्तान सीमा के निकट होने वाले इस मेगा अभ्यास में राफेल और सुखोई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती को भारत की सैन्य तैयारियों और रणनीतिक क्षमता के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। इससे भारतीय वायुसेना को मित्र देशों के साथ अनुभव साझा करने और आधुनिक युद्धक रणनीतियों को परखने का अवसर मिलेगा।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बहुराष्ट्रीय अभ्यास भारत की हवाई शक्ति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को भी मजबूत करते हैं। जोधपुर एयरबेस पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों की मेजबानी कर चुका है और भारतीय वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र माना जाता है।