हम जो खाना खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। सही मात्रा में पौष्टिक भोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। वहीं, ज्यादा नमक, चीनी, अस्वास्थ्यकर वसा और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी संतुलित और विविध आहार लेने की सलाह देता है।

दिल के लिए कौन सा खाना नुकसानदायक?

बहुत ज्यादा तला-भुना खाना, ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट वाली चीजों का अधिक सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता। पैकेज्ड स्नैक्स, कुछ बेकरी उत्पाद और बार-बार तले हुए खाद्य पदार्थों को सीमित करना बेहतर है। इनकी जगह दाल, सब्जियां, फल, साबुत अनाज, नट्स और असंतृप्त वसा वाले स्रोतों को आहार में शामिल किया जा सकता है।

किडनी पर पड़ सकता है असर

बहुत ज्यादा नमक और सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। प्रोसेस्ड फूड, नमकीन स्नैक्स और ज्यादा नमक वाले तैयार खाद्य पदार्थों को सीमित करना बेहतर है। WHO वयस्कों के लिए रोजाना कुल नमक की मात्रा 5 ग्राम से कम रखने की सलाह देता है।

लिवर के लिए सावधानी

अत्यधिक कैलोरी, ज्यादा चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाला आहार वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए मीठे पेय, अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ और बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन नियमित रूप से खाने से बचना बेहतर है।

दांतों के लिए ज्यादा चीनी ठीक नहीं

मीठे पेय, मिठाइयां और ज्यादा चीनी वाले स्नैक्स का बार-बार सेवन दांतों में सड़न का जोखिम बढ़ा सकता है। WHO भी फ्री शुगर का सेवन कुल दैनिक ऊर्जा का 10 प्रतिशत से कम रखने और संभव हो तो इसे 5 प्रतिशत या उससे कम करने की सलाह देता है।

पेट और पाचन के लिए क्या खाएं?

पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर से भरपूर भोजन उपयोगी होता है। फल, सब्जियां, दालें, बीन्स और साबुत अनाज अच्छे विकल्प हैं। WHO के मुताबिक 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोजाना कम से कम 400 ग्राम फल और सब्जियां लेने का लक्ष्य रखना चाहिए।

हेल्दी डाइट का आसान नियम

किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह अच्छा या खराब मानने के बजाय संतुलित और विविध आहार पर ध्यान देना जरूरी है। प्लेट में सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और उचित मात्रा में प्रोटीन शामिल करें। वहीं, ज्यादा नमक, फ्री शुगर, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों को सीमित रखें।

ध्यान रखें कि किसी विशेष बीमारी या स्वास्थ्य स्थिति में डाइट की जरूरत अलग हो सकती है। ऐसे में व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से परामर्श लेना बेहतर है।