X ने अपनी मोनेटाइजेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए उन अकाउंट्स पर सख्ती शुरू कर दी है, जो दूसरों का वायरल कंटेंट रीपोस्ट करके पैसे कमाते थे। Elon Musk के स्वामित्व वाले इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने साफ किया है कि अब “कॉपी-पेस्ट” कंटेंट से कमाई करना आसान नहीं होगा।

नई पॉलिसी के तहत, ऐसे अकाउंट्स की रीच और मोनेटाइजेशन घटा दिए जाएंगे जो किसी दूसरे क्रिएटर के वीडियो, मीम्स या वायरल क्लिप्स को बिना मौलिक योगदान के अपलोड करते हैं। प्लेटफॉर्म अब यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है कि किसी भी वायरल कंटेंट का असली फायदा उसी व्यक्ति को मिले जिसने उसे मूल रूप से बनाया है।

कंपनी के अनुसार, अब वीडियो के व्यूज और उससे होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा ओरिजिनल क्रिएटर को मिलेगा। इससे उन लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा जो खुद का यूनिक और क्रिएटिव कंटेंट तैयार करते हैं। साथ ही, कंटेंट चोरी और बिना अनुमति के रीअपलोड की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।

पिछले कुछ समय से X पर ऐसे कई अकाउंट तेजी से बढ़े थे, जो दूसरे प्लेटफॉर्म्स या क्रिएटर्स के वीडियो उठाकर वायरल कर देते थे और उसी के जरिए विज्ञापन व मोनेटाइजेशन से कमाई करते थे। इस पर कई कंटेंट क्रिएटर्स ने नाराजगी जताई थी और प्लेटफॉर्म से सख्त कदम उठाने की मांग की थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि X का यह फैसला डिजिटल क्रिएटर इकॉनमी के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे ओरिजिनल कंटेंट की वैल्यू बढ़ेगी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर क्रेडिट और कॉपीराइट को लेकर जागरूकता भी मजबूत होगी।

हालांकि कुछ यूजर्स का कहना है कि यह तय करना आसान नहीं होगा कि कौन-सा कंटेंट पूरी तरह ओरिजिनल है और कौन सिर्फ रीपोस्ट। इसके बावजूद, X का यह कदम कंटेंट चोरी रोकने और असली क्रिएटर्स को उचित पहचान दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।