World Hand Hygiene Day हर साल 5 मई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हाथों की स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करना है। डॉक्टरों के अनुसार, सही तरीके से हाथ धोना कई गंभीर संक्रमणों और बीमारियों से बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। हालांकि, बहुत से लोग हाथ तो धोते हैं, लेकिन सही तकनीक का पालन नहीं करते।
क्यों जरूरी है सही तरीके से हाथ धोना?
हमारे हाथ दिनभर कई सतहों को छूते हैं, जिन पर बैक्टीरिया, वायरस और गंदगी मौजूद हो सकती है। यही कीटाणु हाथों के जरिए आंख, नाक और मुंह तक पहुंचकर बीमारी का कारण बनते हैं। खासकर फ्लू, डायरिया, फूड पॉइजनिंग और वायरल संक्रमण जैसी समस्याओं से बचने के लिए हाथों की सफाई बेहद जरूरी मानी जाती है।
हाथ धोने का सही तरीका क्या है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। सही तरीका इस प्रकार है:
- सबसे पहले साफ पानी से हाथ गीले करें।
- हाथों पर साबुन लगाएं।
- दोनों हथेलियों को अच्छी तरह रगड़ें।
- उंगलियों के बीच की जगह साफ करें।
- हाथों के पीछे वाले हिस्से को भी धोएं।
- नाखूनों और अंगूठों को अलग से साफ करें।
- कम से कम 20 सेकंड तक हाथ रगड़ते रहें।
- साफ पानी से हाथ धो लें।
- साफ तौलिये या एयर ड्रायर से हाथ सुखाएं।
कब-कब हाथ धोना जरूरी है?
- खाना बनाने से पहले और बाद में
- भोजन करने से पहले
- टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद
- खांसने या छींकने के बाद
- बाहर से घर आने पर
- बीमार व्यक्ति की देखभाल के दौरान
- कचरा छूने के बाद
क्या सैनिटाइजर भी उतना असरदार है?
अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60% अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि गंदे हाथों को साफ करने के लिए साबुन और पानी सबसे बेहतर विकल्प है।
बच्चों को भी सिखाएं यह आदत
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सही तरीके से हाथ धोने की आदत सिखानी चाहिए। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और अच्छी स्वच्छता की आदत विकसित होती है।
World Health Organization भी समय-समय पर हाथों की स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाता रहा है। खासकर महामारी के बाद दुनिया भर में Hand Hygiene को स्वास्थ्य सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जाने लगा है।
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