दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Meta में हालिया छंटनी के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद कंपनी के सीईओ Mark Zuckerberg ने कर्मचारियों को एक भावुक ईमेल भेजा, जिसमें उन्होंने नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों का आभार जताया और कंपनी में बचे करीब 70 हजार कर्मचारियों को भरोसा दिलाने की कोशिश की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जकरबर्ग ने अपने संदेश में कहा कि कंपनी को कठिन फैसले लेने पड़े, लेकिन जिन कर्मचारियों ने मेटा की ग्रोथ में योगदान दिया, उनके काम को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी छोड़ने वाले लोगों ने मेटा को आज जिस मुकाम तक पहुंचाया, उसमें उनकी बड़ी भूमिका रही है।

सबसे ज्यादा चर्चा जकरबर्ग द्वारा किए गए दो बड़े वादों की हो रही है। पहला वादा यह था कि अब कंपनी “स्थिरता और स्पष्ट दिशा” पर ध्यान देगी, ताकि लगातार छंटनी और अनिश्चितता का माहौल खत्म किया जा सके। दूसरा वादा कर्मचारियों के लिए AI और भविष्य की टेक्नोलॉजी पर बड़े निवेश से जुड़ा था। जकरबर्ग ने कहा कि मेटा आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट प्लेटफॉर्म और नई डिजिटल तकनीकों पर तेजी से काम करेगी, जिससे कर्मचारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कर्मचारियों से यह भी कहा कि मौजूदा समय कंपनी के लिए बदलाव का दौर है, लेकिन मेटा लंबी अवधि की रणनीति पर काम कर रही है। ईमेल में उन्होंने टीमवर्क, तेज फैसलों और बेहतर प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर जोर दिया।

छंटनी के बाद कंपनी के अंदर नौकरी को लेकर असुरक्षा का माहौल बताया जा रहा है। कई कर्मचारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आने वाले महीनों में और कटौती हो सकती है या नहीं। ऐसे में जकरबर्ग का यह संदेश कर्मचारियों का भरोसा बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि टेक इंडस्ट्री में AI की बढ़ती दौड़ और लागत कम करने के दबाव के चलते बड़ी कंपनियां लगातार अपने ढांचे में बदलाव कर रही हैं। मेटा भी अब खुद को AI-फर्स्ट कंपनी के रूप में तेजी से बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि जकरबर्ग के वादे कर्मचारियों का भरोसा कितनी हद तक वापस ला पाते हैं और क्या आने वाले समय में मेटा स्थिरता हासिल कर पाएगी।