US–ईरान तनाव: पेंटागन रिपोर्ट में खुलासा, ईरानी सेना अब भी मजबूत; ट्रंप–हेगसेथ के दावों पर सवाल


 अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पेंटागन की एक नई खुफिया रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, तमाम प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद ईरान की सैन्य क्षमता अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है। इससे पूर्व अमेरिकी नेताओं द्वारा किए गए उन दावों पर सवाल उठने लगे हैं, जिनमें कहा गया था कि ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो चुकी है।

रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि ईरान ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रक्षा रणनीति को काफी हद तक आत्मनिर्भर बना लिया है। खासतौर पर मिसाइल तकनीक, ड्रोन क्षमता और क्षेत्रीय नेटवर्क को लेकर ईरान ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। यही वजह है कि वह मध्य-पूर्व में अपनी मौजूदगी और प्रभाव बनाए रखने में सफल रहा है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और रक्षा से जुड़े प्रमुख चेहरे Pete Hegseth पहले यह दावा कर चुके हैं कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और रणनीतिक दबाव के चलते ईरान की सैन्य शक्ति कमजोर पड़ी है। लेकिन पेंटागन की ताजा रिपोर्ट इन दावों से अलग तस्वीर पेश करती है, जिससे राजनीतिक और रणनीतिक बहस तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने पारंपरिक युद्ध क्षमता के साथ-साथ असममित युद्ध (asymmetric warfare) की रणनीति को मजबूत किया है। इसका मतलब है कि वह सीधे टकराव के बजाय प्रॉक्सी समूहों, साइबर हमलों और उन्नत हथियार प्रणालियों के जरिए अपने विरोधियों को चुनौती देता है।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी नीति और रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या अमेरिका ने ईरान की ताकत का गलत आकलन किया? या फिर यह राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा था? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

फिलहाल इतना साफ है कि ईरान को लेकर अमेरिकी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ