अमेरिका दौरे पर पहुंचे ब्रिटेन के राजा King Charles III ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक पुराने बयान पर मजेदार लेकिन तीखा तंज कसकर सबका ध्यान खींच लिया। अपने संबोधन के दौरान किंग चार्ल्स ने इतिहास का जिक्र करते हुए ऐसा जवाब दिया कि पूरा माहौल ठहाकों से गूंज उठा।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने पहले यूरोप की सुरक्षा और दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा था कि “अगर अमेरिका न होता तो आज यूरोप जर्मन बोल रहा होता।” इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए किंग चार्ल्स ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “और अगर ब्रिटेन न होता, तो शायद अमेरिका आज फ्रेंच बोल रहा होता।”
किंग चार्ल्स के इस बयान को वहां मौजूद लोगों ने हंसी और तालियों के साथ स्वागत किया। हालांकि यह टिप्पणी मजाकिया अंदाज में कही गई, लेकिन इसे ट्रंप के बयान पर एक सटीक और चतुर पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी यह बयान तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे “राजसी ह्यूमर” बता रहे हैं।
इतिहासकारों के मुताबिक, अमेरिका के शुरुआती औपनिवेशिक दौर में ब्रिटेन और फ्रांस के बीच उत्तरी अमेरिका में प्रभाव को लेकर लंबा संघर्ष चला था। माना जाता है कि यदि ब्रिटेन उस दौर में मजबूत स्थिति में नहीं रहता, तो अमेरिका के कई हिस्सों में फ्रेंच प्रभाव ज्यादा हो सकता था। किंग चार्ल्स ने इसी ऐतिहासिक संदर्भ को हल्के व्यंग्य के साथ जोड़ते हुए यह टिप्पणी की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन के ऐतिहासिक रिश्तों और साझा विरासत की याद दिलाने वाला संकेत भी था। खास बात यह रही कि किंग चार्ल्स ने बिना किसी सीधे टकराव के अपने अंदाज में जवाब देकर माहौल को हल्का भी रखा और संदेश भी दे दिया।
फिलहाल किंग चार्ल्स का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बना हुआ है।
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